Van Vibhag News MP-2025 हमारी केन्द्रीय सरकार और प्रदेश सरकार पर्यावरण को बचाने के लिए कई प्रकार की योजना चलाई जा रही है, प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री प्रदेश को और उज्जैन के विकास के लिए रात-दिन मेहनत कर रहे है, लेकिन यहां उल्टा ही हो रहा है
Van Vibhag News MP-2025 उज्जैन शहर की जनता ने हमेशा उम्मीद की थी कि वन विभाग करोड़ों रुपये खर्च कर उनके शहर को हरियाली की नई पहचान देगा। उम्मीद थी कि शहर के हर कोने में हरियाली की खुशबू फैलेगी, पेड़-पौधों की ठंडी छांव लोगों को राहत देगी और उज्जैन आने वाले हर यात्री को एक हराभरा और आकर्षक शहर दिखेगा।
Van Vibhag News MP-2025 फाइलों पर दर्ज रकम देखकर भी यही ख्याल आता है कि शहर की सूरत बदल चुकी होगी। लेकिन जब DC News 24 की टीम ने अपनी ग्रैंड रिपोर्टिंग में इस पूरे मामले की तह तक जाने की ठानी, तो तस्वीर कुछ और ही निकली। यह तस्वीर न सिर्फ चौंकाने वाली थी बल्कि सवालों की ऐसी झड़ी छोड़ गई जिसने वन विभाग की नीयत पर गहरे सवाल खड़े कर दिए।
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शहर की दो योजनाएं (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 शहर की दो योजनाएं संस्कृति वन और नगर वन यह योजना हरियाली के नाम पर तैयार की गईं। इन योजनाओं के लिए करोड़ों की धनराशि खर्च की गई। संस्कृति वन पर डेढ़ करोड़ रुपये और नगर वन पर पूरे दो करोड़ रुपये झोंक दिए गए। कागज़ पर दोनों ही योजनाओं के पीछे मकसद हरियाली और सौंदर्य था, लेकिन हकीकत में जहां कुछ और ही थी। जहां संस्कृति वन ने उज्जैन की मिट्टी को हरा-भरा कर दिया, वहीं नगर वन की हालत देखकर लगता है कि धनराशि किसी अदृश्य वन में समा गई।
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संस्कृति वन– डेढ़ करोड़ में सपनों का स्वर्ग (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 संस्कृति वन उज्जैन के हर नागरिक की आंखों का तारा बन चुका है। यह महज एक पार्क नहीं, बल्कि यह एक ऐसा हराभरा सपना है जो सच में जमीन पर उतरा। जब कोई संस्कृति वन में प्रवेश करता है तो लगता है कि जैसे किसी प्राकृतिक स्वर्ग में कदम रख लिया हो। हर कोने से हरियाली की महक आती है, पत्तों की सरसराहट कानों में मधुर संगीत की तरह गूंजती है और पूरे माहौल में एक शांति बसी रहती है।
Van Vibhag News MP-2025 संस्कृति वन 14 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जहां लगभग 15 से 20 हजार पौधे सावधानी से लगाए गए हैं। इन पौधों की ताजगी और जीवन शक्ति वहां आने वाले हर व्यक्ति के मन को मोह लेती है। यहां की हरी पत्तियों पर सूरज की किरणें पड़ते ही एक सुनहरी चमक दिखती है जो बताती है कि पौधों की देखरेख में कोई कोताही नहीं की गई। यह नज़ारा इस बात का सबूत है कि डेढ़ करोड़ रुपये का हर एक रुपया सही जगह खर्च हुआ है।
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जैसे ही आप संस्कृति वन के प्रवेश द्वार पर पहुंचते हैं, एक भव्य मुख्य द्वार आपका स्वागत करता है। यह द्वार इतना सुंदर और आकर्षक है कि लगता है जैसे किसी महल के बगीचे में प्रवेश कर रहे हों। दूर से ही यह द्वार संस्कृति वन की शान को बयान कर देता है। इसकी मजबूत बनावट और नक्काशी पर किए गए काम को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य में ईमानदारी और गुणवत्ता का कितना ध्यान रखा गया है।
Van Vibhag News MP-2025 भीतर पहुंचते ही सीसी रोड की चौड़ी और सधी हुई पट्टियां आपका ध्यान खींचती हैं। यह सड़कें सिर्फ रास्ता नहीं देतीं, बल्कि वन की सुंदरता और सुव्यवस्था को बढ़ाती हैं। सीसी रोड के दोनों ओर लगे पौधे और फूल पूरे माहौल को ताजगी से भर देते हैं।
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वन मानव जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 वन क्षेत्र के अंदर बने चार पैगोडा यहां आने वालों के लिए शांति और सुकून की जगह मुहैया कराते हैं। इन पैगोडाओं में बैठकर पर्यटक हरियाली की ठंडी हवा का आनंद लेते हैं और बच्चों के खेलने के लिए भी ये जगह आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।
Van Vibhag News MP-2025 दो स्टोर रूम और एक लेथ बाथ जैसी सुविधाओं की व्यवस्था बताती है कि संस्कृति वन में विकास कार्यों की योजना कितनी सोच-समझकर बनाई गई थी। इसके अलावा, जगह-जगह ब्लॉक से बनी पैदल पगडंडियां यह सुनिश्चित करती हैं कि यहां घूमना आसान हो और वन की सुंदरता को कोई नुकसान न पहुंचे।
ताकि थके हुए पर्यटक आराम से बैठ सकें। पौधों की सिंचाई के लिए बनाई गई बड़ी पानी की टंकी दर्शाती है कि हरियाली बनाए रखने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। संस्कृति वन में की गई हर छोटी-बड़ी चीज यह साबित करती है कि जब नीयत साफ हो और योजना में ईमानदारी हो, तो सीमित बजट में भी चमत्कार किए जा सकते हैं। यह वन उज्जैन की मिट्टी का गर्व है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा।
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नगर वन– दो करोड़ का बजट, पर नतीजा फीका (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 संस्कृति वन की इस अद्भुत तस्वीर के बाद जब नगर वन की ओर रुख करते हैं, तो निराशा और गुस्सा दोनों ही हाथ लगते हैं। यहां भी तो करोड़ों रुपये खर्च किए गए, बल्कि संस्कृति वन से ज्यादा – पूरे दो करोड़ रुपये। लेकिन उस रकम का असर देखने पर लगता है जैसे पैसा जमीन पर नहीं, हवा में बिखर गया।
Van Vibhag News MP-2025 नगर वन में करीब 10 हजार पौधे लगाए गए बताए जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचने पर लगता है कि पौधे या तो कहीं गुम हो गए हैं या उनका रखरखाव ठीक से नहीं किया गया। जगह-जगह सूखे पौधे और बिखरे हुए गड्ढे इस बात की गवाही देते हैं कि यहां काम सिर्फ कागजों पर ज्यादा हुआ और जमीन पर कम। यहां का मुख्य द्वार भी निराशाजनक है। यह द्वार संस्कृति वन की भव्यता के सामने फीका और बेजान नजर आता है। इसे देखकर किसी को भी यकीन नहीं होगा कि इसे करोड़ों की योजना के तहत बनाया गया है।
Van Vibhag News MP-2025 नगर वन में बने एक पैगोडा, एक लेथ बाथ और एक वॉच टॉवर भी ऐसे लगते हैं जैसे उन्हें बस औपचारिकता पूरी करने के लिए बनाया गया हो। इन संरचनाओं में न तो सुंदरता झलकती है और न ही उपयोगिता। पूरे क्षेत्र में बमुश्किल 10-15 कुर्सियां लगी दिखाई देती हैं, जिनमें से कई पुरानी और जर्जर हालत में हैं। वन में आने वालों के लिए आराम की सुविधा न के बराबर है।
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सड़कों और रास्तों की हालत खराब (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 सड़कों और रास्तों की हालत और भी खराब है। यहां कहीं भी सीसी रोड नहीं है। थोड़ी-बहुत मोरम की पगडंडियां डाली गई हैं जो बरसात के बाद कीचड़ में बदल जाती हैं और चलना मुश्किल कर देती हैं। नगर वन में तालाब का गहरीकरण भी कागजों पर भले हो गया हो, लेकिन उसकी हालत देखकर लगता नहीं कि उस पर करोड़ों रुपये खर्च हुए होंगे।
Van Vibhag News MP-2025 सबसे चौंकाने वाली बात है कि यहां सिर्फ दो कुओं की मरम्मत के नाम पर ही लगभग 5 लाख रुपये का खर्च दिखाया गया है। यह रकम सुनकर लोग दंग रह जाते हैं कि आखिर दो कुओं में ऐसा क्या सोना जड़ा गया कि उन पर इतना पैसा खर्च करना पड़ा।
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तुलना जो तड़प उठाए (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 संस्कृति वन– ₹1.5 करोड़ में हरियाली, सुंदरता, भव्यता और प्राकृतिक सुकून का नमूना। नगर वन– ₹2 करोड़ में बंजर, सूखी पगडंडियां, फीका द्वार और अधूरे वादे। जहां संस्कृति वन उज्जैन का गर्व है, वहीं नगर वन उज्जैन के टैक्स देने वाले नागरिकों के साथ हुआ मजाक लगता है। यह तुलना हर आम इंसान के दिल में सवाल जगाती है कि आखिर दो करोड़ रुपये कहां गए?
जनता की आवाज़ और विभाग की चुप्पी (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 स्थानीय लोग अब खुलेआम सवाल उठा रहे हैं:- “अगर संस्कृति वन डेढ़ करोड़ में इतना शानदार बन सकता है, तो नगर वन में दो करोड़ खर्च कर भी बदहाली क्यों?” लोगों का गुस्सा जायज है। उनका कहना है कि नगर वन का खर्च सीधे-सीधे भ्रष्टाचार की बू देता है और इस रकम की जांच होनी चाहिए।
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उज्जैन की मिट्टी का दर्द (Van Vibhag News MP-2025)
Van Vibhag News MP-2025 यह कहानी सिर्फ दो पार्कों की नहीं है, बल्कि यह शहर की ईमानदारी और जिम्मेदारी की कहानी है। संस्कृति वन उज्जैन के लिए गर्व की बात है, जबकि नगर वन भ्रष्टाचार की परछाईं बनकर खड़ा है।
DC News 24 की यह खोज उजागर करती है कि जहां ईमानदारी होती है वहां हरियाली उगती है, और जहां भ्रष्टाचार होता है वहां सिर्फ टैक्स के पैसों की बर्बादी।

